
बेंगलुरु : राज्य में पर्यटन को नई रफ्तार देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और प्रमुख पर्यटन स्थलों को अधिक आकर्षक बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार 13 नए पर्यटन स्थलों पर रोपवे यानी केबल कार परियोजनाएं शुरू करने की योजना बना रही है।
सरकार ने इन परियोजनाओं के लिए ऐसे पर्यटन स्थलों का चयन किया है, जहां पर्यटकों की संख्या, भौगोलिक महत्व और पर्यटन विकास की संभावनाएं अधिक हैं। अधिकारियों का मानना है कि रोपवे परियोजनाओं के शुरू होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और दूरदराज के प्राकृतिक स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी।
पर्यटन एवं ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज ने सोमवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रोपवे परियोजनाओं को जल्द से जल्द लागू करने की दिशा में काम किया जाए।
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि परियोजनाओं से जुड़े जरूरी प्रस्ताव तैयार कर अगली राज्य कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए पेश किए जाएं, ताकि निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
इन रोपवे परियोजनाओं की व्यवहार्यता जांच यानी फीजिबिलिटी स्टडी की जिम्मेदारी RITES संस्था को दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, 13 प्रस्तावित परियोजनाओं में से आठ परियोजनाओं की फीजिबिलिटी रिपोर्ट पहले ही तैयार की जा चुकी है।
बैठक के दौरान मंत्री केजे जॉर्ज ने निर्देश दिया कि किसी भी परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी जरूरी कानूनी मंजूरियां प्राप्त कर ली जाएं। उन्होंने वन विभाग, पर्यावरण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों से आवश्यक अनुमति लेने को कहा है।
सरकार का उद्देश्य है कि रोपवे परियोजनाओं को पर्यावरणीय नियमों का पालन करते हुए विकसित किया जाए, ताकि पर्यटन विकास के साथ-साथ प्राकृतिक क्षेत्रों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके।
विशेष रूप से चिक्कमगलुरु के मुल्लैयानगरी रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर मंत्री ने अधिकारियों को तेजी से काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने RITES संस्था को इस परियोजना के लिए जरूरी अनुमतियां प्राप्त करने और एक महीने के भीतर फीजिबिलिटी रिपोर्ट जमा करने को कहा है।
मुल्लैयानगरी कर्नाटक के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। रोपवे शुरू होने से पर्यटकों को पहाड़ी क्षेत्र तक पहुंचने में आसानी होगी और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार का मानना है कि रोपवे परियोजनाएं न केवल पर्यटन को मजबूत करेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा करेंगी। होटल, परिवहन, स्थानीय बाजार और अन्य पर्यटन आधारित व्यवसायों को इससे लाभ मिलने की संभावना है।
पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी और प्राकृतिक क्षेत्रों में रोपवे एक आधुनिक परिवहन विकल्प के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इससे पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलता है और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों तक पहुंच आसान हो जाती है।
हालांकि, पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले पर्यावरणीय प्रभावों का ध्यान रखना जरूरी है। पहाड़ी क्षेत्रों और वन क्षेत्रों में निर्माण कार्य करते समय प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
सरकार ने इसी वजह से परियोजनाओं के लिए वन और पर्यावरण विभाग से पहले मंजूरी लेने पर जोर दिया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी नियमों का पालन करते हुए ही परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाए।
राज्य में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार पहले भी कई योजनाओं पर काम कर रही है। नए रोपवे प्रोजेक्ट इसी रणनीति का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य पर्यटन स्थलों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से जोड़ना है।
फिलहाल आठ परियोजनाओं की फीजिबिलिटी रिपोर्ट पूरी हो चुकी है, जबकि बाकी परियोजनाओं पर काम जारी है। आने वाले समय में कैबिनेट मंजूरी मिलने के बाद इन योजनाओं के धरातल पर उतरने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
सरकार को उम्मीद है कि इन रोपवे परियोजनाओं के माध्यम से राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।





